नात लिरिक्स

Izn-e-Taiba Mujhe Sarkar-e-Madina De Do

इज़्न-ए-तयबा मुझे सरकार-ए-मदीना दे दो

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इज़्न-ए-तयबा मुझे, सरकार-ए-मदीना ! दे दोले चले मुझ को जो तयबा वो सफ़ीना दे दो

याद-ए-तयबा में तड़पने का क़रीना दे दोचश्म-ए-तर, सोज़-ए-जिगर, शाह-ए-मदीना ! दे दो

चार यारों का तुम्हें वासिता देता हूँ, शहा !अपना ग़म मुझ को शहंशाह-ए-मदीना दे दो

वक़्त-ए-आख़िर है चली जान, रसूल-ए-अकरम !इक झलक, ऐ मेरे सुल्तान-ए-मदीना ! दे दो

सदक़ा शहज़ादी-ए-कौनैन का क़दमों में मौतमुझ को दे दो, मेरे सुल्तान-ए-मदीना दे दो

कसरत-ए-माल की आफ़त से बचा कर, आक़ा !अपने 'अत्तार को उल्फ़त का ख़ज़ीना दे दो

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।