नात लिरिक्स

Islam Ke Aye Mard-e-Mujahid Tujhe Salam

इस्लाम के ऐ मर्द-ए-मुजाहिद तुझे सलाम

नात ख़्वान: अल्लामा हाफ़िज़ बिलाल क़ादरीशायर: मुहम्मद सलमान रज़ा सिद्दीक़ी फ़रीदी मिस्बाहीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इस्लाम के ऐ मर्द-ए-मुजाहिद ! तुझे सलामऐ कारवान-ए-'इश्क़ के मुर्शिद ! तुझे सलाम

ख़ादिम हुसैन रज़वी अमीर-उल-मुजाहिदीन !ऐ मेहर-ए-इंक़िलाब, ऐ क़ाइद ! तुझे सलाम

आवाज़ तेरी शो'ला-ओ-शमशीर बन गईऐ जा-नशीन-ए-तारिक़-ओ-ख़ालिद ! तुझे सलाम

तू दे गया है 'इश्क़-ए-नबी को नई हयातआ'दाद और शुमार से ज़ाइद तुझे सलाम

ता-'उम्र की हिफ़ाज़त-ए-नामूस-ए-मुस्तफ़ाऐ सुन्नियों के रहबर-ए-राशिद ! तुझे सलाम

जब्र-ओ-सितम की छाओं में भी तू डटा रहारस्म-ए-हुसैनियत के मुजद्दिद ! तुझे सलाम

पैग़ाम-ए-हक़ सुनाया भी, उस पर चलाया भीऐ 'इश्क़-ए-मुस्तफ़ाई के क़ासिद ! तुझे सलाम

तुझ पर फ़िदा, ऐ ख़त्म-ए-नुबुव्वत के पहरे-दार !ऐ पासबान-ए-बाग़-ए-'अक़ाइद ! तुझे सलाम

किरदार में भरी थीं 'अज़ीमत की बिजलियाँतुझ को झुका सके न शदाइद, तुझे सलाम

मिल्लत में रूह-ए-'इश्क़ को बेदार कर दियाहैं सारे अहल-ए-हक़ तेरे हामिद, तुझे सलाम

करता रहा तू आख़िरी दम तक मुक़ाबलाअसहाब-ए-बद्र के ऐ मुक़ल्लिद ! तुझे सलाम

ऐ सुन्नियत के शेर ! न भूलेंगे हम तुझेहासिल करेंगे तेरे मक़ासिद, तुझे सलाम

मशग़ूल हैं दु'आ में फ़रीदी के जान-ओ-दिलफ़ज़्ल-ए-ख़ुदा हो तेरा मुसा'इद, तुझे सलाम

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