नात लिरिक्स

Aye Baad-e-Saba Aa Kar Mujh Ko Bhi Uda Le Chal

ऐ बाद-ए-सबा आ कर मुझ को भी उड़ा ले चल

नात ख़्वान: अल्लामा हाफ़िज़ बिलाल क़ादरीशायर: मुहम्मद उमैर हिदायतउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सबा ! जो फेरा हो कू-ए-जानाँ, तो ग़म-ज़दा का सलाम कहनाये कहना आक़ा तुम्हारा 'अत्तार कब मदीने को आ रहा है

ऐ बाद-ए-सबा ! आ कर, मुझ को भी उड़ा ले चलहै मौत खड़ी सर पर, बस आज नहीं तो कल

ऐ बाद-ए-सबा ! ये बता, कैसा वो मदीना है ?जिस शहर का पत्थर भी जन्नत का नगीना हैऔर ख़ाक वहाँ की है आँखों के लिए काजल

ऐ बाद-ए-सबा ! आ कर, मुझ को भी उड़ा ले चलहै मौत खड़ी सर पर, बस आज नहीं तो कल

ऐ बाद-ए-सबा ! ऐ बाद-ए-सबा !ऐ बाद-ए-सबा ! ऐ बाद-ए-सबा !

ऐ बाद-ए-सबा ! तू ने देखी वो घड़ी होगीसरकार की उम्मत जब रौज़े पे खड़ी होगीफ़ौरन ही हुए होंगे फिर सब के मसाइल हल

ऐ बाद-ए-सबा ! आ कर, मुझ को भी उड़ा ले चलहै मौत खड़ी सर पर, बस आज नहीं तो कल

ऐ बाद-ए-सबा ! जब हो ताइफ़ से गुज़र तेरारूदाद पयम्बर की चीरेगी जिगर तेराजिस बाग़ में वो ठहरे उस बाग़ से ला दे फल

ऐ बाद-ए-सबा ! आ कर, मुझ को भी उड़ा ले चलहै मौत खड़ी सर पर, बस आज नहीं तो कल

ऐ बाद-ए-सबा ! ऐ बाद-ए-सबा !ऐ बाद-ए-सबा ! ऐ बाद-ए-सबा !

ऐ बाद-ए-सबा ! जा कर आक़ा को बता देनारोते हैं बिलकते हैं, दीदार करा दें नाख़ुश रहना है नामुमकिन, आप आँख से हैं ओझल

ऐ बाद-ए-सबा ! आ कर, मुझ को भी उड़ा ले चलहै मौत खड़ी सर पर, बस आज नहीं तो कल

ऐ बाद-ए-सबा ! इतना सरकार से कह देनाये 'उमैर जुदाई में बीमार है कह देनाअब मुझ को बुला लीजे, दिल में है बड़ी हलचल

ऐ बाद-ए-सबा ! आ कर, मुझ को भी उड़ा ले चलहै मौत खड़ी सर पर, बस आज नहीं तो कल

ऐ बाद-ए-सबा ! ऐ बाद-ए-सबा !ऐ बाद-ए-सबा ! ऐ बाद-ए-सबा !

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