नात लिरिक्स

Is Baar Kuchh Aisa Milad Manayein

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँ

नात ख़्वान: अल्लामा हाफ़िज़ बिलाल क़ादरीशायर: अल्लामा हाफ़िज़ बिलाल क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँघरों के साथ आज दिल भी सजाएँ

मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँघरों के साथ आज दिल भी सजाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँनबी की सुन्नतों को घर घर पहुँचाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँनामूस-ए-आक़ा पर हम पहरा लगाएँ

मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !

नबी का ज़िक्र आ'ला है, नबी की शान बाला हैयही इज़हार करने को सजावट और उजाला हैहो ज़ाहिर भी अच्छा, बातिन भी चमकाएँइस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँघरों के साथ आज दिल भी सजाएँ

मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !

'अक़ीदा हो नुबुव्वत का या नामूस-ए-रिसालत होजो छेड़े कोई इस क़ानून को, समझो क़यामत होजो शातिम हो उसे हम उल्टा लटकाएँइस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँनामूस-ए-आक़ा पर हम पहरा लगाएँ

ग़ुलामी अहल-ए-बैत-ए-पाक की ऐसी ज़मानत हैजो हो इन से मोहब्बत तो नतीजा अपना जन्नत हैमुहिब्ब-ए-पंज-तन हम ऐसे बन जाएँइस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँनबी की सुन्नतों को घर घर पहुँचाएँ

मीलाद ! मीलाद ! सरकार का मीलाद !मीलाद ! मीलाद ! मेरे आक़ा का मीलाद !

सहाबा और अहल-ए-बैत हमारे हैं, हमारे हैंहै अहल-ए-बैत नाओ तो सहाबा भी सितारे हैंसहाबा की अज़मत के हम तो गुन गाएँइस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँनामूस-ए-आक़ा पर हम पहरा लगाएँ

नबी के दीन के ख़ादिम फ़िदा नामूस-ए-आक़ा परहुए मुमताज़ वो दोनों जहाँ में सुर्ख़रू हो करउन्ही के इस मिशन को आगे बढ़ाएँइस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँनामूस-ए-आक़ा पर हम पहरा लगाएँ

मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !

नबी की सुन्नतों से ये जहाँ सारा महक उठेउसी ख़ुश्बू से 'आलम को मेरे 'अत्तार महकाएँये पहुँचाने को हम भी बाज़ू बन जाएँइस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँनबी की सुन्नतों को घर घर पहुँचाएँ

'अमल भी लाज़मी करना, सिर्फ़ ना'तें नहीं पढ़नाबिलाल-ए-क़ादरी ऐसा सफ़र हो फिर दु'आ करनामदीने हम जाएँ, ना'तें भी सुनाएँइस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँ

इस बार कुछ ऐसा मीलाद मनाएँनबी की सुन्नतों को घर घर पहुँचाएँ

मीलाद ! मीलाद ! सरकार का मीलाद !मीलाद ! मीलाद ! मेरे आक़ा का मीलाद !

मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !मरहबा ! मरहबा ! मवलिदिन्नबी !

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।