नात लिरिक्स

Is Karam Ka Karoon Shukr Kaise Ada, Jo Karam Mujh Pe Mere Nabi Kar Diya

इस करम का करूँ शुक्र कैसे अदा, जो करम मुझ पे मेरे नबी कर दिया

नात ख़्वान: मीलाद रज़ा क़ादरीशायर: मौलाना अब्दुल सत्तार नियाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इस करम का करूँ शुक्र कैसे अदाजो करम मुझ पे मेरे नबी कर दियामैं सजाता हूँ सरकार की महफ़िलेंमुझ को हर ग़म से रब ने बरी कर दिया

इस करम का करूँ शुक्र कैसे अदा

ज़िक्र-ए-सरकार की है बड़ी बरकतेंमिल गई राहतें, 'अज़मतें, रिफ़'अतेंमैं गुनहगार था, बे-'अमल था मगरमुस्तफ़ा ने मुझे जन्नती कर दिया

इस करम का करूँ शुक्र कैसे अदा

लम्हा-लम्हा है मुझ पर नबी की 'अतादोस्तो ! और माँगू मैं मौला से क्याक्या ये कम है कि मेरे ख़ुदा ने मुझेअपने महबूब का उम्मती कर दिया

इस करम का करूँ शुक्र कैसे अदा

जो दर-ए-मुस्तफ़ा के गदा हो गएदेखते देखते क्या से क्या हो गएऐसी चश्म-ए-करम की है सरकार नेदोनों 'आलम में उन को ग़नी कर दिया

इस करम का करूँ शुक्र कैसे अदा

जो भी आए हैं महफ़िल में सरकार कीहाज़री मिल गई उन को दरबार कीकोई सिद्दीक़, फ़ारूक़, उस्माँ हुवाऔर किसी को नबी ने 'अली कर दिया

इस करम का करूँ शुक्र कैसे अदा

कोई मायूस लौटा न दरबार सेजो भी माँगा, मिला मेरे सरकार सेसदक़े जाऊँ, नियाज़ी ! मैं लजपाल केहर गदा को सख़ी ने सख़ी कर दिया

इस करम का करूँ शुक्र कैसे अदा

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।