नात लिरिक्स

Iltija Hai Ya Nabi Ye Aap Ki Sarkar Mein

इल्तिजा है या नबी ये आप की सरकार में

नात ख़्वान: मीलाद रज़ा क़ादरीशायर: मौलाना अब्दुल सत्तार नियाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या नबी ! या नबी !या नबी ! या नबी !

इल्तिजा है, या नबी ! ये आप की सरकार मेंहम को भी बुलवाइए अपने सख़ी दरबार में

या नबी ! या नबी !या नबी ! या नबी !

हम पे भी चश्म-ए-करम सदक़ा नवासों का, हुज़ूर !आप के लुत्फ़-ओ-करम की धूम है संसार में

या नबी ! या नबी !या नबी ! या नबी !

शहर-ए-तयबा में रखे हैं जब से आक़ा ने क़दमझूमते फिरते हैं 'आशिक़ कूचा-ओ-बाज़ार में

या नबी ! या नबी !या नबी ! या नबी !

हैं वही रातें कि बातें जिन में हों सरकार कीदिन वही दिन हैं जो गुज़रें मुस्तफ़ा के प्यार में

या नबी ! या नबी !या नबी ! या नबी !

ज़िंदगी सदक़ा है महबूब-ए-ख़ुदा के नाम काज़िंदगी अच्छी है गर गुज़रे ख़याल-ए-यार में

या नबी ! या नबी !या नबी ! या नबी !

कुछ नियाज़ी को भी अपने 'इश्क़ की ख़ैरात देंहाथ फैलाए हैं मैं ने भी सख़ी दरबार में

इल्तिजा है, या नबी ! ये आप की सरकार मेंहम को भी बुलवाइए अपने सख़ी दरबार में

या नबी ! या नबी !या नबी ! या नबी !

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