नात लिरिक्स

Ilahi Madad Kar Madad Ki Ghari Hai

इलाही मदद कर मदद की घड़ी है

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इलाही ! मदद कर, मदद की घड़ी हैगुनाहों के दरिया में कश्ती फँसी है

इलाही ! मदद कर, मदद की घड़ी है

मेरे तन पे ग़फ़लत की चादर पड़ी हैनुहूसत गुनाहों की छाई हुई है

गुनाहों के दरिया में कश्ती फँसी हैइलाही ! मदद कर, मदद की घड़ी है

यही बात हम ने बड़ों से सुनी हैन हो बंदगी गर तो क्या ज़िंदगी है

गुनाहों के दरिया में कश्ती फँसी हैइलाही ! मदद कर, मदद की घड़ी है

ऐ अब्र-ए-करम ! आ बरस जा, बरस जा'अजब आग 'इस्याँ की मुझ में लगी है

गुनाहों के दरिया में कश्ती फँसी हैइलाही ! मदद कर, मदद की घड़ी है

नहीं पास हुस्न-ए-'अमल, मेरे मौला !नज़र मेरी तेरे करम पर लगी है

गुनाहों के दरिया में कश्ती फँसी हैइलाही ! मदद कर, मदद की घड़ी है

'उबैद-ए-रज़ा नेकियों से है ख़ालीगुनाहों में हासिल इसे बरतरी है

गुनाहों के दरिया में कश्ती फँसी हैइलाही ! मदद कर, मदद की घड़ी है

लब-ए-मुस्तफ़ा से, ख़ुदाया ! सुना दे'उबैद-ए-रज़ा ! नार से तू बरी है

इलाही ! मदद कर, मदद की घड़ी हैगुनाहों के दरिया में कश्ती फँसी है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।