नात लिरिक्स

Ibn-e-Haidar Fida Hai Karbal Mein | Ishq Ki Intiha Hai Karbal Mein

इब्न-ए-हैदर फ़िदा है कर्बल में | इश्क़ की इंतिहा है कर्बल में

नात ख़्वान: अल्लामा हसन मयारीशायर: इस्माइल पनहूर एडवोकेटउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इब्न-ए-हैदर फ़िदा है कर्बल में'इश्क़ की इंतिहा है कर्बल में

क़ुदसी तकते हैं और कहते हैंनूरी इक सिलसिला है कर्बल में

सब्र कोई हुसैन से सीखेसब्र की इंतिहा है कर्बल में

नेज़े की नोक पर पढ़ा क़ुरआँये करिश्मा हुआ है कर्बल में

नाज़ शब्बीर पर ज़माने कोअपना सब कुछ दिया है कर्बल में

तेरे आने से लर्ज़ां है दुश्मनख़ौफ़ तारी हुआ है कर्बल में

दीन-ए-हक़ पर फ़िदा हो, ऐ रिज़वी !ये सबक़ तो मिला है कर्बल में

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