नात लिरिक्स

Assalamu Alaika Ya Noor Al Huda

अस्सलामु अलैका या नूर-अल-हुदा

नात ख़्वान: अल्लामा हसन मयारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अस्सलामु 'अलैकुम ! अस्सलामु 'अलैकुम !अस्सलामु 'अलैकुम या रसूलल्लाह !

अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !

आए प्यारे नबी, हर तरफ़ थी ख़ुशीचार-सू शोर था मरहबा मरहबा

धूम सल्ले-'अला की मची चार-सूआ गए मुस्तफ़ा मरहबा मरहबा

अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !

पुर-नूर है ज़माना सुब्ह-ए-शब-ए-विलादतपर्दा उठा है किस का सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

आई नई हुकूमत, सिक्का नया चलेगा'आलम ने रंग बदला सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

ठंडी ठंडी हवा, महकी महकी फ़ज़ागुनगुनाती सबा मरहबा मरहबा

फूल खिलने लगे, ना'त कहने लगेहर शजर झूम उठा मरहबा मरहबा

अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !

नूरी महफ़िल पे चादर तनी नूर कीनूर फैला हुआ आज की रात हैचाँदनी में हैं डूबे हुए दो जहाँकौन जल्वा-नुमा आज की रात है

माँग लो माँग लो चश्म-ए-तर माँग लोदर्द-ए-दिल और हुस्न-ए-नज़र माँग लोसब्ज़ गुंबद के साए में घर माँग लोमाँगने का मज़ा आज की रात है

अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !

जश्न-ए-विलादत आ गयाचलो आमिना के घर चलो

चलो आमिना के घर चलोचलो आमिना के घर चलो

चार-सू चाँदनी, हर तरफ़ रौशनीजा-ब-जा नूर था, मरहबा मरहबा

'ईद-ए-मीलाद है, किस-क़दर शाद हैक़ल्ब 'अत्तार का, मरहबा मरहबा

अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !अस्सलामु 'अलैका या नूर-अल-हुदा !

अस्सलामु 'अलैकुम ! अस्सलामु 'अलैकुम !अस्सलामु 'अलैकुम या रसूलल्लाह !

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