नात लिरिक्स

Huzoor Naat Ka Matla Saja Diya Jaaye | Huzoor Arz Hai Chehra Dikha Diya Jaaye

हुज़ूर नात का मतला सजा दिया जाए | हुज़ूर अर्ज़ है चेहरा दिखा दिया जाए

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुज़ूर ! ना'त का मतला' सजा दिया जाएहुज़ूर ! 'अर्ज़ है चेहरा दिखा दिया जाए

हुज़ूर ! आप की सोहबत को हम तरसते हैंहुज़ूर ! वक़्त को पीछे हटा दिया जाए

हुज़ूर ! ख़ौफ़ बहुत है हमारे सीनों मेंहुज़ूर ! मौत का मतलब बता दिया जाए

हुज़ूर ! आप के क़दमों में सर रखा मैं नेहुज़ूर ! 'अर्ज़ है सज्दा सिखा दिया जाए

हुज़ूर ! हुस्न पे मग़रूर हैं यहाँ के हसींहुज़ूर ! 'अर्ज़ है पर्दा हटा दिया जाए

हुज़ूर ! प्यारे हसन और हुसैन का हूँ मुरीदहुज़ूर ! मौला 'अली से मिला दिया जाए

हुज़ूर ! मुझ को मोहब्बत है प्यारे हम्ज़ा सेहुज़ूर ! आप का नौकर बना दिया जाए

हुज़ूर ! सीन की आवाज़ में सुरूर बहुतहुज़ूर ! शीन का मख़रज भुला दिया जाए

हुज़ूर ! हज़रत-ए-अय्यूब का चले लंगरहुज़ूर ! हम को भी खाना खिला दिया जाए

हुज़ूर ! चर्चे बहुत सिद्क़-ए-बू-ज़री के हैंहुज़ूर ! हम को भी सादिक़ बना दिया जाए

हुज़ूर ! हज़रत-ए-सलमान-ए-फ़ारसी की तरहहुज़ूर ! मुझ को भी झाड़ू थमा दिया जाए

हुज़ूर ! शहर बसाए हैं हाकिमों ने यहाँहुज़ूर ! इन को मदीना दिखा दिया जाए

हुज़ूर ! 'इश्क़ पे लोगों को ए'तिराज़ हुआहुज़ूर ! थोड़ा इन्हें भी जला दिया जाए

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