नात लिरिक्स

Huzoor Aap Ko Dekhna Chahta Hun

हुज़ूर आप को देखना चाहता हूँ

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीशायर: जावेद आसीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँ

यही मेरी हसरत, यही है तमन्नाहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँखिला दीजिए मेरी चाहत का ग़ुंचाहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँ

कहीं रोते रोते न बह जाएँ आँखेंकहीं रुक न जाएँ ये बेचैन साँसेंउठा दीजिए अपने चेहरे से पर्दाहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँ

सर-ए-हश्र तशरीफ़ लाओगे लेकिनलहद में भी जल्वा दिखाओगे लेकिननिकलने से पहले मैं अपना जनाज़ाहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँ

मदीने में तशरीफ़ लाए सहाबीकहा बस यही इक तमन्ना है मेरीमैं नाबीना हूँ, मुझ को कर दीजे बीनाहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँ

यही आ'ला हज़रत के दिल का था ना'रायही हम गुलामों की भी है तमन्नाउठा दीजे पर्दा, दिखा दीजे चेहराहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँ

निगाहों को कासा बनाए हुए हूँवुज़ू आँसूओं से कराए हुए हूँ'अता कीजिए अपने जल्वों का सदक़ाहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँ

परेशाँ इसी बात से आज कल हूँमैं, जावेद 'आसी ! बड़ा बे-'अमल हूँबदलने की ख़ातिर मैं अपना नसीबाहुज़ूर ! आप को देखना चाहता हूँ

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