नात लिरिक्स

Hum Se Yaar-e-Ghaar Ki Kuchh Baat Kar

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: मुफ़्ती राशीद अली रज़वी अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मो'तदिल सुन्नियों की फ़ितरत हैकरते हैं चार यार की बातें

फ़ित्ना तफ़्ज़ीलियत का फैला हैचल करें यार-ए-ग़ार की बातें

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर'आशिक़-ए-सरकार की कुछ बात कर

जिस का रुत्बा है बड़ा नबियों के बा'दउस बड़ी सरकार की कुछ बात कर

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर'आशिक़-ए-सरकार की कुछ बात कर

तज़्किरा तू छेड़ कर सिद्दीक़ कासिद्क़ के मे'यार की कुछ बात कर

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर'आशिक़-ए-सरकार की कुछ बात कर

दुश्मन-ए-सिद्दीक़ रोएँ या मरेंक़ाइद-ए-जी-दार की कुछ बात कर

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर'आशिक़-ए-सरकार की कुछ बात कर

जो मज़ार-ओ-ग़ार हर-जा साथ हैउस नबी के यार की कुछ बात कर

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर'आशिक़-ए-सरकार की कुछ बात कर

ज़िक्र-ए-बू-बक्र-ओ-'उमर, 'उस्माँ के साथहैदर-ए-कर्रार की कुछ बात कर

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर'आशिक़-ए-सरकार की कुछ बात कर

जिस में हैदर, फ़ातिमा, हसनैन हैंउस हसीं गुलज़ार की कुछ बात कर

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर'आशिक़-ए-सरकार की कुछ बात कर

दुश्मन-ए-सिद्दीक़ से, बुरहान ! अबतीर और तलवार की कुछ बात कर

हम से यार-ए-ग़ार की कुछ बात कर'आशिक़-ए-सरकार की कुछ बात कर

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