नात लिरिक्स

Tum Jalo Ya Mar Jao | Hum Khushi Manaenge Tum Jalo Ya Mar Jao

तुम जलो या मर जाओ | हम ख़ुशी मनाएँगे तुम जलो या मर जाओ

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हम ख़ुशी मनाएँगे, तुम जलो या मर जाओना'त गुनगुनाएँगे, तुम जलो या मर जाओ

मुस्तफ़ा की आमद पर सब्ज़ रंग का झंडाछत पे हम लगाएँगे, तुम जलो या मर जाओ

मुस्तफ़ा की 'अज़मत पर, 'इज़्ज़त-ए-पयम्बर परजान हम लुटाएँगे, तुम जलो या मर जाओ

मस्लक-ए-रज़ा, बेशक ! रास्ता है जन्नत कासब को ये बताएँगे, तुम जलो या मर जाओ

याद कर के अख़्तर की चाँद जैसी सूरत कोदिल को जगमगाएँगे, तुम जलो या मर जाओ

अपने प्यारे अख़्तर का, 'इल्म के समुंदर काना'रा हम लगाएँगे, तुम जलो या मर जाओ

मुस्तफ़ा की गलियों की ख़ाक, हम रज़ा वालेआँख में लगाएँगे, तुम जलो या मर जाओ

हम बरेलवी, आफ़ाक़ ! 'उर्स-ए-आ'ला-हज़रत मेंगिरते-पड़ते जाएँगे, तुम जलो या मर जाओ

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