नात लिरिक्स

Ho Nigaah-e-Karam Kamli Waale ! Tere Bin Mera Koi Nahin Hai

हो निगाह-ए-करम, कमली वाले ! तेरे बिन मेरा कोई नहीं है

नात ख़्वान: मीलाद रज़ा क़ादरीशायर: मौलाना अब्दुल सत्तार नियाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हो निगाह-ए-करम, कमली वाले ! तेरे बिन मेरा कोई नहीं हैअब तो मुझ को मदीने बुला लो, ज़िंदगी का भरोसा नहीं है

हो निगाह-ए-करम, कमली वाले ! तेरे बिन मेरा कोई नहीं है

मेरी क़िस्मत में वो दिन भी आए, सब्ज़ गुम्बद के हासिल हों साएमेरी इस के सिवा, मेरे आक़ा ! और कोई तमन्ना नहीं है

हो निगाह-ए-करम, कमली वाले ! तेरे बिन मेरा कोई नहीं है

एक मुद्दत से क़ल्ब-ए-परेशाँ मुंतज़िर है तेरा जान-ए-जानाँआ भी जा, ग़म के मारों के वाली ! दिल सँभाले सँभलता नहीं है

हो निगाह-ए-करम, कमली वाले ! तेरे बिन मेरा कोई नहीं है

रूठती है ख़ुदाई तो रूठे, तेरा रिश्ता नबी से न टूटेदेख, दीवाने प्यारे नबी के ! 'इश्क़ है ये तमाशा नहीं है

हो निगाह-ए-करम, कमली वाले ! तेरे बिन मेरा कोई नहीं है

ज़िक्र कर सरवर-ए-अम्बिया का, नाम ले उस हबीब-ए-ख़ुदा काजल्वतों ख़ल्वतों में, नियाज़ी ! जो कभी हम को भूला नहीं है

हो निगाह-ए-करम, कमली वाले ! तेरे बिन मेरा कोई नहीं है

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