नात लिरिक्स

Ho Ke Taaib Jhukae Sar Maula | Banda Hazir Hai Tere Ghar Maula

हो के ताइब झुकाए सर मौला | बंदा हाज़िर है तेरे घर मौला

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हो के ताइब झुकाए सर, मौला !बंदा हाज़िर है तेरे घर, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला !

सब गँवा बैठा हूँ जमा' पूँजीआह जाऊँ मैं अब किधर, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला !

हाए नाकामी नफ़्स-ए-ज़ालिम नेतोड़ डाली मेरी कमर, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला !

आख़िरत को भुला के मैं यकसरचल पड़ा हाए किस डगर, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला !

'उम्र ग़फ़लत की नज़्र कर बैठाअपने मक़्सद को भूल कर, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला !

अब नदामत से सर नहीं उठतागड़ गया हूँ कमर कमर, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला !

तेरी रहमत में क्या कमी होगीबख़्श दे तू मुझे अगर, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला !

जिस क़दर 'उम्र रह गई बाक़ीख़ैर से जाए वो गुज़र, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला !

नफ़्स मग़्लूब ही नहीं होतातू करम कर 'उबैद पर, मौला !

मेरे मौला ! मेरे मौला ! मेरे मौला !

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