नात लिरिक्स

Hain Fazl-e-Rab Se Aalam Mein Nabi Fazl-o-Ata Wale

हैं फ़ज़्ल-ए-रब से आलम में नबी फ़ज़्ल-ओ-अता वाले

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुस्तफ़ा ! मुज्तबा ! मुस्तफ़ा ! मुज्तबा !मुस्तफ़ा ! मुज्तबा ! मुस्तफ़ा ! मुज्तबा !

आफ़ाक़हा गर्दीदा-अम मेहर-ए-बुताँ वर्ज़ीदा-अमबिस्यार ख़ूबाँ दीदा-अम अम्मा तु चीज़े दीगरी

शम्सुद्दुहा ! बदरुद्दुजा ! नूरुल-हुदा ! ख़ैरुल-वरा !

हैं फ़ज़्ल-ए-रब से 'आलम में नबी फ़ज़्ल-ओ-'अता वालेवोही हैं क़ासिम-ए-ने'मत, वोही जूद-ओ-सख़ा वाले

हैं फ़ज़्ल-ए-रब से 'आलम में नबी फ़ज़्ल-ओ-'अता वाले

ख़ुदा ने किस क़दर ऊँचा किया ज़िक्र-ए-शह-ए-वालाउन्हीं के गीत गाते हैं सभी अर्ज़-ओ-समा वाले

हैं फ़ज़्ल-ए-रब से 'आलम में नबी फ़ज़्ल-ओ-'अता वाले

तड़पते तिलमिलाते 'आसियों को ये ख़बर कर दोमुहम्मद मुस्तफ़ा महशर में हैं हौज़-ओ-लिवा वाले

हैं फ़ज़्ल-ए-रब से 'आलम में नबी फ़ज़्ल-ओ-'अता वाले

हुए हैं पेशवा-ओ-मुक़्तदा असहाब-ओ-उम्मत केअबू-बक्र-ओ-'उमर, 'उस्माँ, 'अली 'इज़्ज़-ओ-उला वाले

हैं फ़ज़्ल-ए-रब से 'आलम में नबी फ़ज़्ल-ओ-'अता वाले

ख़ुलासा है दलाइल का, 'अक़ीदा अहल-ए-सुन्नत काहैं असहाब-ए-नबी सब 'आदिल-ओ-सिदक़-ओ-सफ़ा वाले

हैं फ़ज़्ल-ए-रब से 'आलम में नबी फ़ज़्ल-ओ-'अता वाले

'अता-ए-मुस्तफ़ा से सुन्नियत पर इस्तिक़ामत हैरिज़ा-ए-रब से हैं, बुरहान ! हम अहमद रज़ा वाले

हैं फ़ज़्ल-ए-रब से 'आलम में नबी फ़ज़्ल-ओ-'अता वाले

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