नात लिरिक्स

Hain Chaar Yaaron Mein Ik Yaar, Haidar-e-Karraar

हैं चार यारों में इक यार, हैदर-ए-कर्रार

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी और हाफ़िज़ अहसन क़ादरीशायर: तफ़्सीर रज़ा अमजदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हैदर-ए-कर्रार, हैदर-ए-कर्रारहैदर-ए-कर्रार, हैदर-ए-कर्रार

हैं चार यारों में इक यार, हैदर-ए-कर्रारहुए ख़लीफ़ा-ए-सरकार, हैदर-ए-कर्रार

तुम्हारे नाम को सुन कर के आज तक, मौला !लरज़ रहे हैं ये कुफ़्फ़ार, हैदर-ए-कर्रार

मिली है माह-ए-रजब की ये तेरहवीं तुम सेये अहल-ए-हक़ का है तेहवार, हैदर-ए-कर्रार !

नबी की नींद पे कर दी नमाज़-ए-अस्र फ़िदानबी से था यूँ तेरा प्यार, हैदर-ए-कर्रार !

जो अहल-ए-बैत-ओ-सहाबा पे जान देते हैंवही हैं तेरे वफ़ादार, हैदर-ए-कर्रार !

थे सोए मौत के बिस्तर पे जो शब-ए-हिजरतवही हैं साहिब-ए-ईसार, हैदर-ए-कर्रार

'अदू-ए-दीन से क्यूँ-कर डरूँ कि जब मेरेहैं हर क़दम पे मददगार, हैदर-ए-कर्रार

घटाए कैसे कोई आप की फ़ज़ीलत कोहैं आप हक़ के 'अलम-दार, हैदर-ए-कर्रार !

शह-ए-दना के वसीले से अपनी चौख़ट परबुलाइए मुझे इक बार, हैदर-ए-कर्रार !

इन्हें मिला असदुल्लाह का लक़ब, तफ़्सीर !हैं बादशाहों के सालार, हैदर-ए-कर्रार

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