नात लिरिक्स

Dar Pe Deewane Hazir Hue | Mere Khwaja Karam Kijiye

दर पे दीवाने हाज़िर हुए | मेरे ख़्वाजा करम कीजिए

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: तफ़्सीर रज़ा अमजदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हमें तू ने अपना बना लियाग़म-ए-दो-जहाँ से बचा लियातेरा दस्त-ए-जूद दराज़ हैतू बड़ा ग़रीब नवाज़ है

मेरे ख़्वाजा ! करम कीजिएमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

दर पे दीवाने हाज़िर हुएमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिएचाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

नाना हैं सरवर-ए-दो-सरामाँ है ख़ैरुन्निसा फ़ातिमाकितने पाक़ीज़ा हैं सिलसिलेमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

चाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

हमें नाज़ है बस तुझ पर, किसी और पे नाज़ नहींतेरे जैसा ज़माने में कोई बंदा-नवाज़ नहींतेरे देने दिलाने का अंदाज़ निराला हैकिसी और का दुनिया में ऐसा अंदाज़ नहीं

आप जो इस तरफ़ देख लेंइक करम की निगाह डाल देंमुझ से बेकस की बिगड़ी बनेमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

चाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

दर पे दीवाने हाज़िर हुएदर पे दीवाने हाज़िर हुए

झोली फैलाए हैं आज हमबहर-ए-सरकार रक्खें भरमसदक़ा हसनैन का दीजिएमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

चाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

तेरी शान पे मैं सदक़े, क़ुर्बान तेरे, ख़्वाजा !ऐ इब्न-ए-सख़ी ख़्वाजा ! ऐ हिन्द-वली ख़्वाजा !तेरे दर के भिकारी हैं, तेरे दर के ये मँगते हैंधनवान है तू, ख़्वाजा ! तेरे टुकड़ों पे पलते हैं

फ़रियाद मेरी सुन लो, ऐ हिन्द के महाराजा !मैं आस लगाए हूँ, कभी मेरे भी घर आजातेरे आगे हमारी कुछ औक़ात नहीं, ख़्वाजा !जो काम हमारे हैं, तेरे नाम से चलते हैं

आप हैं मुस्तफ़ा के हबीबकितनों का है सँवारा नसीबअब तो हम पर ख़ुदा के लिएमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

चाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

दर पे दीवाने हाज़िर हुएदर पे दीवाने हाज़िर हुए

मुझ को मिल जाएगा सदक़ा, मैं चला जाऊँगाकासा-ए-दिल मेरा क़दमों में पड़ा रहने दो

ख़ुद ही फ़रमाएँगे मुजरिम पे वो रहमत की नज़रमुझ को ख़्वाजा की 'अदालत में खड़ा रहने दो

आप की चश्म-ए-रहमत उठेजोगी जयपाल कलमा पढ़ेसदक़े मैं आप की शान केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

चाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

आप के लुत्फ़ के, फ़ैज़ केमेहरबानी के और जूद केहर तरफ़ जग में हैं तज़्किरेमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

चाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

सर पे है रंज-ओ-ग़म की घटाजीना दुश्वार अपना हुआअब तो सरकार के वास्तेमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

चाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

ग़म में तफ़्सीर है मुब्तलाआप से कर रहा इल्तिजाइस के दिल को सुकूँ अब मिलेमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

चाहने वाले हैं आप केमेरे ख़्वाजा ! करम कीजिए

दर पे दीवाने हाज़िर हुएदर पे दीवाने हाज़िर हुए

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