नात लिरिक्स

Hai Milad Huzoor Ka | Pandra Sau Salon Se Jari Hai Yahi Silsila

है मीलाद हुज़ूर का | पंद्रह सौ सालों से जारी है यही सिलसिला

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे आक़ा आए हैं, सज गया ज़माना हैमेरे आक़ा आए हैं, सज गया ज़माना है

आया आया आया जश्न-ए-नबी !आया आया आया जश्न-ए-नबी !

जाँ है मेरी, दिल है मेरा ! नबी नबी मेरा नबी !लब पे रहा, दिल में बसा ! नबी नबी मेरा नबी !रब की 'अता, नूर-ए-ख़ुदा ! नबी नबी मेरा नबी !दिल का सुकूँ जोश-ओ-जुनूँ ! नबी नबी मेरा नबी !

कितना है ख़ुश ये ज़मानाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर कापंद्रह सौ सालों से जारी है यही सिलसिलाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पैदा हुए जब प्यारे मुहम्मदगिरने लगे फिर बुत का'बे केमुश्किल है कुफ़्र का चलनाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पंद्रह सौ सालों से जारी है यही सिलसिलाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

आमिना बीबी के घर आएनूरी फ़रिश्ता झूला झुलाएकैसा है नूरी चेहराहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पंद्रह सौ सालों से जारी है यही सिलसिलाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पेशवा-ए-अंबिया ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मुर्सलीं के मुक़्तदा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !सय्यिद-ए-अर्ज़-ओ-समा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !सरवर-ए-हर-दो-सरा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !ख़ल्क़ के हाजत-रवा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !दाफ़े'-ए-रंज-ओ-बला ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

रूह-ए-अमीं ने गाड़ा झंडाइक मशरिक़ में, इक मग़रिब मेंऊँचा है उन का झंडाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पंद्रह सौ सालों से जारी है यही सिलसिलाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

प्यारे नबी ने दी दो चीज़ेंआल-ए-नबी और रब का क़ुरआँदोनों हैं ईमाँ अपनाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पंद्रह सौ सालों से जारी है यही सिलसिलाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

ताजदार-ए-अंबिया ! मरहबा या मुस्तफ़ा !राज़दार-ए-किब्रिया ! मरहबा या मुस्तफ़ा !आ गए ख़ैर-उल-वरा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !आए शह-ए-अंबिया ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मज़हर-ए-रब्बुल-'उला ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मुस्तफ़ा-ओ-मुज्तबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

मुफ़्लिस-ज़ादी की हो शादीया हो किसी के घर को चलानाऐसे भी जश्न मनानाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पंद्रह सौ सालों से जारी है यही सिलसिलाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

आओ, उजागर ! हम भी सजाएँना'त की महफ़िल घर में अपनेहो जाए उन का आनाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पंद्रह सौ सालों से जारी है यही सिलसिलाहै मीलाद हुज़ूर का, है मीलाद हुज़ूर का

पेशवा-ए-अंबिया ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मुर्सलीं के मुक़्तदा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !सय्यिद-ए-अर्ज़-ओ-समा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !सरवर-ए-हर-दो-सरा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !ख़ल्क़ के हाजत-रवा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !दाफ़े'-ए-रंज-ओ-बला ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

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