नात लिरिक्स

Gunahon Ki Aadat Chhuda Mere Maula

गुनाहों की आदत छुड़ा मेरे मौला

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

गुनाहों की 'आदत छुड़ा, मेरे मौला !मुझे नेक इंसाँ बना, मेरे मौला !

मेरी साबिक़ा हर ख़ता, मेरे मौला !तू रहमत से अपनी मिटा, मेरे मौला !

तू क़ुदरत से अपनी बदल नेकियों सेहर इक मेरी लग़्ज़िश ख़ता, मेरे मौला !

जो तुझ को, जो तेरे नबी को पसंद हैमुझे ऐसा बंदा बना, मेरे मौला !

तू मस्जूद मेरा, मैं साजिद हूँ तेरातू मालिक, मैं बंदा तेरा, मेरे मौला !

तू मतलूब मेरा, मैं तालिब हूँ तेरामुझे दे दे अपनी विला, मेरे मौला !

है उद'ऊनी फ़रमान क़ुरआँ में तेरातू सुन ले मेरी इल्तिजा, मेरे मौला !

तू लेगा अगर 'अद्ल से काम अपनेमैं हूँ मुस्तहिक़ नार का, मेरे मौला !

जो रहमत तेरी शामिल-ए-हाल हो तोठिकाना है जन्नत मेरा, मेरे मौला !

तुझे तो ख़बर है मैं कितना बुरा हूँतू 'ऐबों को मेरे छुपा, मेरे मौला !

मेरी ता-क़यामत जो नस्लें हों, या रब !हों सब 'आशिक़-ए-मुस्तफ़ा, मेरे मौला !

न मोहताज कर तू जहाँ में किसी कामुझे मुफ़्लिसी से बचा, मेरे मौला !

हैं का'बे पे नज़रें 'उबैद-ए-रज़ा कीहो मक़बूल हर इक दु'आ, मेरे मौला !

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