नात लिरिक्स

Goonjta Hai Nara-e-Takbeer Allah Khair Ho

गूँजता है नारा-ए-तकबीर अल्लाह ख़ैर हो

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीशायर: अज़हर फ़ारूक़ी बरेलवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

गूँजता है ना'रा-ए-तकबीर, अल्लाह ख़ैर होहै हुसैनी हाथ में शमशीर, अल्लाह ख़ैर हो

ये भी हो सकता है फट जाए ज़मीन-ए-कर्बलाआ गए हैं जंग में शब्बीर, अल्लाह ख़ैर हो

आगे आगे भाई का चलता हुआ नेज़े पे सरपीछे पीछे ज़ैनब-ए-दिलगीर, अल्लाह ख़ैर हो

बन के दूल्हा आए हैं अकबर शहादत के लिएहैं मेरे आक़ा की जो तस्वीर, अल्लाह ख़ैर हो

जब चुभा होगा 'अली असग़र के नाज़ुक हल्क़ मेंकह उठा होगा वो ख़ुद भी तीर, अल्लाह ख़ैर हो

मस्जिद-ए-कूफ़ा में, अज़हर ! वो गरजती ज़ुल्म पर'आबिद-ए-बीमार की तक़रीर, अल्लाह ख़ैर हो

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