नात लिरिक्स

Ghamzada Hai Dil Mera Aye Rab Ke Mehman Al Wada

ग़मज़दा है दिल मेरा ऐ रब के मेहमाँ अल-वदा

नात ख़्वान: मेहमूद अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ग़म-ज़दा है दिल मेरा, ऐ रब के मेहमाँ ! अल-वदा'आह ! अब तू चल दिया, ऐ माह-ए-रमज़ाँ ! अल-वदा'

अल-फ़िराक़ु वल-फ़िराक़, ऐ माह-ए-ग़ुफ़राँ ! अल-वदा'अल-वदा'उ वल-वदा', ऐ माह-ए-सुबहाँ ! अल-वदा'

तेरी आमद की ख़ुशी में हो गए दिल बाग़ बाग़तेरी रुख़्सत के सबब हैं सब परेशाँ, अल-वदा'

तेरे आने से जहाँ में आ गई थीं रौनकेंसब समाँ सूना है अब, मौला के मेहमाँ ! अल-वदा'

मुजरिमों को तेरे दामन में अमाँ मिलती रहीफ़ज़्ल-ए-रब से मग़्फ़िरत थी तुझ में आसाँ, अल-वदा'

वक़्त-ए-इफ़्तार-ओ-सहर की रौनक़ें जाती रहींक्या बरसते थे करम के अब्र-ए-बाराँ, अल-वदा'

छोड़ कर रोता हुआ तू ग़म-ज़दों को चल दियातेरी फ़ुर्क़त में तड़पते हैं मुसलमाँ, अल-वदा'

चार जानिब हिज्र-ए-रमज़ाँ में उदासी छा गईकह रहे हैं ख़ूब रो रो कर मुसलमाँ, अल-वदा'

माह-ए-रमज़ाँ ! जा रहा है हाए हम को छोड़ करचार दिन का रह गया है आह ! मेहमाँ, अल-वदा'

माह-ए-रमज़ाँ ! तेरे शैदाई सभी तुझ पर फ़िदातुझ पे सदक़े, तुझ पे वारी, तुझ पे क़ुर्बां, अल-वदा'

पेश-ए-हक़ करना शफ़ा'अत तू हमारी हश्र मेंमाह-ए-रमज़ाँ ! हो करम हम पर हो एहसाँ, अल-वदा'

साल-ए-आइंदा भी फिर, 'अत्तार ! रमज़ाँ आएगाक्या मेरे दम का भरोसा, माह-ए-रमज़ाँ ! अल-वदा'

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