नात लिरिक्स

Falak Se Chand Utra Aamina Ki God Raushan Hai

फ़लक से चाँद उतरा आमिना की गोद रौशन है

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना मुह़म्मदिनअल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना मुह़म्मदिन

हुज़ूर आए लरज़ उट्ठे क़ैसर-ओ-किसरासनम-कदों में हुआ ख़ूब ज़लज़ला बरपाबुझी वो आग जो फ़ारस में जलती रहती थीअँधेरा छट गया और नूर हर तरफ़ बिखरा

सहर का वक़्त था, मा'सूम कलियाँ मुस्कुराती थींहवाएँ ख़ैर-मक़्दम के तराने गुनगुनाती थींअभी जिब्रील उतरे भी न थे का'बे के मिम्बर सेकि इतने में सदा आई ये 'अब्दुल्लाह के घर सेमुबारक हो ! शह-ए-हर-दो-सरा तशरीफ़ ले आएमुबारक हो ! मुहम्मद मुस्तफ़ा तशरीफ़ ले आए

आक़ा की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !सरवर की आमद ! मरहबा !दिलबर की आमद ! मरहबा !रहबर की आमद ! मरहबा !सोहणे की आमद ! मरहबा !मोहने की आमद ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !

फ़लक से चाँद उतरा, आमिना की गोद रौशन हैनया फैला उजाला, आमिना की गोद रौशन है

फ़लक से चाँद उतरा, आमिना की गोद रौशन है

मैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गएमैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गए

ये देखो आमिना के घर पे कैसी कहकशाँ उतरीये है कैसा नज़ारा, आमिना की गोद रौशन है

फ़लक से चाँद उतरा, आमिना की गोद रौशन है

मैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गएमैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गए

मुबारक, आमिना ! तुम को नबी से ख़ून का रिश्तामुक़द्दर कैसा जागा, आमिना की गोद रौशन है

फ़लक से चाँद उतरा, आमिना की गोद रौशन है

मैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गएमैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गए

अल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना मुह़म्मदिनअल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना मुह़म्मदिन

वो आए जिन को फ़रिश्ते सलाम करते हैंजिन्हें ख़लील भी अपना इमाम कहते हैंमनाओ जश्न-ए-नबी दिल से, ऐ जहाँ वालो !यही रसूल-ए-ख़ुदा के ग़ुलाम कहते हैं

मरहबा ! मरहबा !

अँधेरे रह नहीं सकते, नबी तशरीफ़ ले आएहुआ घर घर उजाला, आमिना की गोद रौशन है

फ़लक से चाँद उतरा, आमिना की गोद रौशन है

मैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गएमैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गए

मुनव्वर वादी-ए-बतहा-ओ-ऐमन हो गईं सारीनबी का नूर चमका, आमिना की गोद रौशन है

फ़लक से चाँद उतरा, आमिना की गोद रौशन है

मैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गएमैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गए

आक़ा की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !सरवर की आमद ! मरहबा !दिलबर की आमद ! मरहबा !रहबर की आमद ! मरहबा !सोहणे की आमद ! मरहबा !मोहने की आमद ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !

जहाँ में आज देखो नूर-ए-रब्ब-उल-मशरिक़ैन आयाउजागर है ज़माना, आमिना की गोद रौशन है

फ़लक से चाँद उतरा, आमिना की गोद रौशन है

मैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गएमैं सदक़े जाऊँ, वारी जाऊँ मुहम्मद आ गए

अल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना मुह़म्मदिनअल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना मुह़म्मदिन

हुज़ूर आए तो का'बा भी वज्द में आयापकड़ के सर मगर इब्लीस है बहुत रोयाउठा था शोर ये मक्के में कौन आया हैकहा फ़रिश्तों ने नबियों का है नबी आया

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