नात लिरिक्स

Duniya Mein Kahin Koi Bhi Aisa Ho To Bola

दुनिया में कहीं कोई भी ऐसा हो तो बोलो

नात ख़्वान: ज़ाकिर इस्माईलीशायर: ज़ाकिर इस्माईलीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दुनिया में कहीं कोई भी ऐसा हो तो बोलोअल्लाह के महबूब के जैसा हो तो बोलो

रू-ए-शह-ए-बतहा का बयाँ बा'द में करनाउन जैसा किसी और का तलवा हो तो बोलो

एक नूर-ए-मुजस्सम के 'अलावा भी किसी केक़दमों में शजर चल के जो आया हो तो बोलो

मुख़्तार-ए-दो-'आलम के सिवा पेट पे पत्थरदुनिया में किसी शाह ने बाँधा हो तो बोलो

जितने भी नबी आए हैं उम्मत के ग़मों मेंसरकार के जैसा कोई रोया हो तो बोलो

पा कर शह-ए-ख़ूबाँ का फ़क़त एक इशारासहबा में अगर शम्स न लौटा हो तो बोलो

आक़ा के सिवा कोई भी सुल्तान-ए-ज़मानाएक टूटी चटाई पे जो बैठा हो तो बोलो

हैदर के दिलावर की तरह नेज़े पे चढ़ करक़ुरआन किसी ने भी सुनाया हो तो बोलो

सज्दे तो बहुत 'आबिद-ओ-ज़ाहिद ने किए हैंशब्बीर के जैसा कोई सज्दा हो तो बोलो

ग़ुस्ताख़ियाँ करते भी शब-ओ-रोज़ वहाबीसरकार की ख़ैरात न खाता हो तो बोलो

बस ग़ौस के ना'रे से नहीं काम चलेगादामन को भी मज़बूती से पकड़ा हो तो बोलो

जैसा था मेरे सय्यदी अख़्तर का जनाज़ाऐसा भी जनाज़ा कहीं देखा हो तो बोलो

ज़ाकिर ! किसी नज्दी से ज़बानी नहीं बनतीउस के लिए फ़ारूक़ का दुर्रा हो तो बोलो

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