नात लिरिक्स

Dilon Se Gham Mitata Hai Muhammad Naam Aisa Hai

दिलों से ग़म मिटाता है मुहम्मद नाम ऐसा है

नात ख़्वान: अफ़ज़ल नोशाहीशायर: ज़ाहिद फ़ख़रीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा हैनगर उजड़े बसाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

उन्हीं के नाम से पाई फ़क़ीरों ने शहंशाहीख़ुदा से भी मिलाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

उन्हीं के ज़िक्र से रौशन रुतें फिर लौट आती हैंनसीबों को जगाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

दुरूदों की महक से महफ़िलें आबाद रहती हैंमेरी ना'तें सजाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

मोहब्बत के कँवल खिलते हैं उन को याद करने सेबड़ी ख़ुश्बूएँ लाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

मदद हासिल है मुझ को हर घड़ी शाह-ए-मदीना कीमेरी बिगड़ी बनाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

मैं, फ़ख़्री ! फ़िक्र-ए-दुनिया आख़िरत सब भूल जाता हूँमुझे जब याद आता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

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