नात लिरिक्स

Dil Ki Ye Aarzoo Hai Sarkar Aate Jate

दिल की ये आरज़ू है सरकार आते जाते

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिल की ये आरज़ू है, सरकार ! आते-जातेमैं आप को सुनाऊँ अश'आर आते-जाते

उठ कर अभी हैं आए, फिर दौड़े जा रहे हैंथकते नहीं हैं 'आशिक़ सौ बार आते-जाते

ऐ काश ! मेरा होता छोटा सा घर वहीं परमैं सुब्ह-ओ-शाम करता दीदार आते-जाते

हसरत यही है सर पर दस्त-ए-शिफ़ा वो रख देंहो जाऊँ जब वहाँ मैं बीमार आते-जाते

जिस रास्ते से हो कर हज़रत 'उमर गुज़रतेउस रह पे काँपते थे कुफ़्फ़ार आते-जाते

जाएगा जो भी मिलने इक बार मुस्तफ़ा सेउस को 'अली मिलेंगे दो बार आते-जाते

हरगिज़ न याद आए फिर उस को मन्न-ओ-सलवातयबा में जो भी कर ले इफ़्तार आते-जाते

जिन को नहीं है उल्फ़त सरदार-ए-अंबिया सेवो लोग हैं मदीना बे-कार आते-जाते

गुस्ताख़-ए-मुस्तफ़ा है इब्लीस का ख़लीफ़ाबख़्शा नहीं है जाता मक्कार आते-जाते

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