नात लिरिक्स

Dil Ka Armaan Hai Aarzoo Hai Yahi, Mera Soya Muqaddar Jaga Dijiye

दिल का अरमान है आरज़ू है यही, मेरा सोया मुक़द्दर जगा दीजिए

नात ख़्वान: शमीम फ़ैज़ीशायर: शमीम फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिल का अरमान है, आरज़ू है यहीमेरा सोया मुक़द्दर जगा दीजिएमर न जाऊँ कहीं, ख़ातमुल-मुर्सलीं !सब्ज़-गुंबद हमें फिर दिखा दीजिए

दिल का अरमान है, आरज़ू है यहीमेरा सोया मुक़द्दर जगा दीजिए

प्यार से बोले एक दिन ये ज़हरा के लालसुनिए इक बात मेरी, ए प्यारे बिलाल !जो सुनाते रहे नाना-जाँ को मेरेवो अज़ाँ आज फिर से सुना दीजिए

दिल का अरमान है, आरज़ू है यहीमेरा सोया मुक़द्दर जगा दीजिए

जो भी मुर्दा कहे मेरे सरकार कोछोड़िए न कभी ऐसे ग़द्दार कोचढ़ के सीने पे उस के, मेरे दोस्तो !दोनों हाथों से गर्दन दबा दीजिए

दिल का अरमान है, आरज़ू है यहीमेरा सोया मुक़द्दर जगा दीजिए

सुन्नियत का चमन लहलहाने लगेनजदियत का क़िला' थरथराने लगेमस्लक-ए-आ'ला-हज़रत का सुनिए, शमीम !एक पुर-ज़ोर ना'रा लगा दीजिए

दिल का अरमान है, आरज़ू है यहीमेरा सोया मुक़द्दर जगा दीजिए

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