नात लिरिक्स

Deen-e-Haq Pe Syeda Ke Laal Ka Ehsaan Hai

दीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के लाल का एहसान है

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़्वाजा-ए-अजमेर का हम ने सुना फ़रमान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

पढ़ रहे हो जो नमाज़ें, कर रहे हो हज अदारौनक़-ए-रमज़ान और मंज़र है जो ख़ैरात कासदक़ा-ए-शब्बीर है, इस्लाम का ए'लान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

ख़्वाजा-ए-अजमेर का हम ने सुना फ़रमान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

देख लो तारीख़-ए-'आलम, किस का ये किरदार हैघर लुटाया, सर कटाया, कैसा ये सालार है !सब शहीदों में हुसैन-इब्न-ए-'अली सुल्तान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

ख़्वाजा-ए-अजमेर का हम ने सुना फ़रमान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

मलिका-ए-ख़ुल्द-ए-बरीं से 'औरतों का है वक़ारमादर-ए-शब्बीर ! तेरी परवरिश की है बहारआज जो मज़बूत मेरा मज़हब-ओ-ईमान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

ख़्वाजा-ए-अजमेर का हम ने सुना फ़रमान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

नेज़े पे इब्न-ए-'अली जो मर्द-ए-'आलीशान हैकट गया है सर मगर पढ़ता रहा क़ुरआन हैसोच के हर इक यज़ीदी आज भी हैरान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

ख़्वाजा-ए-अजमेर का हम ने सुना फ़रमान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

फ़ैसला कर लो, उजागर ! साथ हो किस के खड़ेहैं हुसैनी सफ़-ब-सफ़ और फिर यज़ीदी आ गएकर्बला का सज गया लो आज भी मैदान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

ख़्वाजा-ए-अजमेर का हम ने सुना फ़रमान हैदीन-ए-हक़ पे सय्यिदा के ला'ल का एहसान है

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