नात लिरिक्स

Zamane Mein Agar Dekhi To Shaan-e-Qadri Dekhi | Dayar-e-Ghaus Kya Dekha Madine Ki Gali Dekhi

ज़माने में अगर देखी तो शान-ए-क़ादरी देखी | दयार-ए-ग़ौस क्या देखा मदीने की गली देखी

नात ख़्वान: मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या ग़ौस-ए-आ'ज़म ! या ग़ौस-ए-आ'ज़म !या ग़ौस-ए-आ'ज़म ! या ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मैं क़ादरी हूँ, शुक्र है रब्ब-ए-क़दीर कादामन है मेरे हाथ में पीरान-ए-पीर का

ज़माने में अगर देखी तो शान-ए-क़ादरी देखीनुबुव्वत के गुलिस्ताँ में विलायत की कली देखीहक़ीक़त खुल गई जब सर-ज़मीं बग़दाद की देखीतजल्ली ही तजल्ली, रौशनी ही रौशनी देखीदयार-ए-ग़ौस क्या देखा ! मदीने की गली देखी

शह-ए-बग़दाद ने जिस पर करम की इक नज़र डालीबना हर काम उस का, हो गई सब दूर बद-हालीमेरे ग़ौस-उल-वरा की शान है क्या शान है 'आलीसुवाली आप के दर से कभी लौटा नहीं ख़ालीशहंशाहों से भी बढ़ कर सख़ावत आप की देखी

दयार-ए-ग़ौस क्या देखा ! मदीने की गली देखीदयार-ए-ग़ौस क्या देखा ! मदीने की गली देखी

निदा देगा मुनादी हश्र में यूँ क़ादरियों कोकहाँ हैं क़ादरी ? कर लें नज़ारा ग़ौस-ए-आ'ज़म का

दयार-ए-ग़ौस क्या देखा ! मदीने की गली देखीदयार-ए-ग़ौस क्या देखा ! मदीने की गली देखी

फ़रिश्तो रोकते क्यूँ हो मुझे जन्नत में जाने सेये देखो हाथ में दामन है किस का ! ग़ौस-ए-आ'ज़म का

दयार-ए-ग़ौस क्या देखा ! मदीने की गली देखीदयार-ए-ग़ौस क्या देखा ! मदीने की गली देखी

या ग़ौस ! अल-मददपीरान-ए-पीर ! अल-मददरौशन-ज़मीर ! अल-मददया शाह-ए-जीलाँ ! अल-मददया पीर-ए-पीराँ ! अल-मददया मीर-ए-मीराँ ! अल-मददया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! अल-मददया ग़ौस ! अल-मदद

इमदाद कुन, इमदाद कुन, अज़ रंज-ओ-ग़म आज़ाद कुनदर दीन-ओ-दुनिया शाद कुन, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन

तेरे हाथ में हाथ मैं ने दिया हैतेरे हाथ है लाज, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !

इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन

निकाला है पहले तो डूबे हुओं कोऔर अब डूबतों को बचा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन

मेरी मुश्किलों को भी आसान कीजेकि हैं आप मुश्किल-कुशा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन

मेरे चाँद ! मैं सदक़े, आ जा इधर भीचमक उठे दिल की गली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन

नज़र आए मुझ को न सूरत अलम कीन देखूँ कभी रू-ए-ग़म, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन

कहे किस से जा के हसन अपने दिल कीसुने कौन तेरे सिवा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

इमदाद कुन, इमदाद कुन, अज़ रंज-ओ-ग़म आज़ाद कुनदर दीन-ओ-दुनिया शाद कुन, या ग़ौस-ए-आ'ज़म ! दस्त-गीर !

इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन, इमदाद कुन

या ग़ौस ! अल-मददपीरान-ए-पीर ! अल-मददरौशन-ज़मीर ! अल-मददया शाह-ए-जीलाँ ! अल-मददया पीर-ए-पीराँ ! अल-मददया मीर-ए-मीराँ ! अल-मददया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! अल-मददया ग़ौस ! अल-मदद

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