नात लिरिक्स

Dar Pe Bulao Makki Madani | Bigdi Banao Makki Madani

दर पे बुलाओ मक्की मदनी | बिगड़ी बनाओ मक्की मदनी

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद साबिर सरदारउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दर पे बुलाओ, मक्की-मदनी !बिगड़ी बनाओ, मक्की-मदनी !

दीद तेरी है 'ईद मेरीजल्वा दिखाओ, मक्की-मदनी !

महशर में हो लब पे मेरेमुझ को बचाओ, मक्की-मदनी !

सदक़ा अपने नवासों कादुखड़े मिटाओ, मक्की-मदनी !

बरसों से अखियाँ तरसींजल्वा दिखाओ, मक्की-मदनी !

हम हैं गुनाहों में डूबे हुएजैसे हैं निभाओ, मक्की-मदनी !

सब्ज़-गुंबद के साए तलेसब को सुलाओ, मक्की-मदनी !

कभी मिस्कीन की कुटिया मेंतशरीफ़ लाओ, मक्की-मदनी !

नय्या मँझधार में आन फँसीपार लगाओ, मक्की-मदनी !

लाज निभाना तुम्हें आता हैलाज निभाओ, मक्की-मदनी !

तेरे बिन कौन हमारा हैमदद को आओ, मक्की-मदनी !

दुख से, बला से, मुसीबत सेजान छुड़ाओ, मक्की-मदनी !

आक़ा ! सरदार ग़ुलाम तेरासीने से लगाओ, मक्की-मदनी !

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