नात लिरिक्स

Bekhud Kiye Dete Hain Andaz-e-Hijabana

बेख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: बेदम शाह वारसीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबानाआ दिल में तुझे रख लूँ, ऐ जल्वा-ए-जानाना !

इतना तो करम करना, ऐ चश्म-ए-करीमाना !जब जान लबों पर हो, तुम सामने आ जाना

क्यूँ आँख मिलाई थी, क्यूँ आग लगाई थीअब रुख़ को छुपा बैठे कर के मुझे दीवाना

जी चाहता है तोहफ़े में भेजूँ मैं उन्हें आँखेंदर्शन का तो दर्शन हो, नज़राने का नज़राना

क्या लुत्फ़ हो महशर में, क़दमों में गिरूँ उन केसरकार कहें देखो, दीवाना है दीवाना !

क्या लुत्फ़ हो महशर में मैं शिकवे किए जाऊँवो हँस के कहे जाएँ दीवाना है दीवाना

मैं होश-ओ-हवास अपने इस बात पे खो बैठाजब तू ने कहा हँस के, आया मेरा दीवाना

पीने को तो पी लूँगा, पर 'अर्ज़ ज़रा सी हैअजमेर का साक़ी हो, बग़दाद का मय-ख़ाना

बेदम ! मेरी क़िस्मत में चक्कर हैं इसी दर केछूटा है न छूटेगा मुझ से दर-ए-जानाना

साक़ी तेरे आते ही ये जोश है मस्ती काशीशे पे गिरा शीशा, पैमाने पे पैमाना

मा'लूम नहीं, बेदम ! मैं कौन हूँ और क्या हूँयूँ अपनों में अपना हूँ, बेगानों में बेगाना

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।