नात लिरिक्स

Baad-e-Ramzan Eid Hoti Hai | Rab Ki Rahmat Mazeed Hoti Hai

बाद-ए-रमज़ान ईद होती है | रब की रहमत मज़ीद होती है

नात ख़्वान: Haji Bilal Raza Attariशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बा'द-ए-रमज़ान 'ईद होती हैरब की रहमत मज़ीद होती है

जिस को आक़ा की दीद होती हैउस पे क़ुर्बान 'ईद होती है

बा'द-ए-रमज़ान 'ईद होती हैरब की रहमत मज़ीद होती है

'ईद तुझ को मुबारक, ए साइम !रोज़ा-दारों की 'ईद होती है

बा'द-ए-रमज़ान 'ईद होती हैरब की रहमत मज़ीद होती है

रोज़ा-दारों के वासिते, वल्लाहमग़्फ़िरत की नवीद होती है

बा'द-ए-रमज़ान 'ईद होती हैरब की रहमत मज़ीद होती है

बे-नमाज़ों की, रोज़ा-ख़ोरों कीकौन कहता है 'ईद होती है !

बा'द-ए-रमज़ान 'ईद होती हैरब की रहमत मज़ीद होती है

जिस को आक़ा मदीने बुलवाएँउस मुसलमाँ की 'ईद होती है

बा'द-ए-रमज़ान 'ईद होती हैरब की रहमत मज़ीद होती है

मुझ को 'ईदी में दो बक़ी'अ, आक़ा !जाने कब मेरी 'ईद होती है !

बा'द-ए-रमज़ान 'ईद होती हैरब की रहमत मज़ीद होती है

'ईद, 'अत्तार ! उस की है, जिस कोख़्वाब में उन की दीद होती है

बा'द-ए-रमज़ान 'ईद होती हैरब की रहमत मज़ीद होती है

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