नात लिरिक्स

Aye Rasool-e-Khuda Sarwar-e-Ambiya | Tu Hai Sab Se Juda Tu Hai Sab Se Juda

ऐ रसूल-ए-ख़ुदा सरवर-ए-अंबिया | तू है सब से जुदा तू है सब से जुदा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ हस्सान अंज़रशायर: मौलाना हबीबुर्रहमान लुधियानवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ऐ रसूल-ए-ख़ुदा सरवर-ए-अंबिया !तू है सब से जुदा, तू है सब से जुदातुझ सा ढूँडे मिले न कहीं दूसरातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

तेरी सूरत ख़ुदाई की तकमील हैतेरी सुन्नत भलाई की ता'मील हैसारी दुनिया कहे तुझ को नूर-ए-ख़ुदातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

तेरे अल्ताफ़ हैं बर-ज़मान-ओ-ज़मींतेरा हर फ़ैसला है क़ुरआन-ए-मुबींतेरी हर बात में है ख़ुदा की रज़ातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

सारे 'आलम में ढूँडा मिला न कहींकोई तुझ सा अमीं, तेरा फ़िक्र-ए-हसींतेरा रुत्बा बुंलद-तर है बा'द अज़ ख़ुदातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

तेरे असहाब सब से हैं आ'ला हुएतेरी सोहबत मिली जिस से बाला हुएये तेरा सिलसिला सब है नूर-ए-हुदातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

तेरा ज़िक्र-ए-हसीं जिस जगह भी चलेदिल को लज़्ज़त मिले, जाँ को फ़रहत मिलेदिल तेरे 'इश्क़ में मेरा डूबा हुआतू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

तेरे अक़्वाल में, तेरे किरदार मेंतेरे अफ़'आल में, तेरे अफ़्कार मेंसारे 'आलम की है बस उन्हीं में बक़ातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

ख़ालिक़-ए-ख़ल्क़ मंज़र पे लाया तुझेख़ातिम-उल-अंबिया फिर बनाया तुझेसारे नबियों ने की इक तेरी इक़्तिदातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

ऐसी 'अज़मत ख़ुदा ने बनाई तेरीसारे 'आलम पे रहमत है छाई तेरी'अर्श-ए-रब्ब-ए-'उला है तेरी इंतिहातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

आज दर पे तेरे ये हबीब-ए-हज़ींइल्तिजा कर रहा है ब-सिद्क़-ओ-यक़ींहो शफ़ा'अत मेरी बस ब-रोज़-ए-जज़ातू है सब से जुदा, तू है सब से जुदा

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