नात लिरिक्स

Aya Taiba Ka Chand Chamka Taiba Ka Chand | Aamad-e-Mustafa Marhaba Marhaba

आया तयबा का चाँद चमका तयबा का चाँद | आमद-ए-मुस्तफ़ा मरहबा मरहबा

नात ख़्वान: आसिफ़ अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !रसूल की आमद ! मरहबा !बोलो नूर की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !यासीन की आमद ! मरहबा !ताहा की आमद ! मरहबा !

आया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँदआया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँद

आमद-ए-मुस्तफ़ा मरहबा मरहबाअहमद-ए-मुज्तबा ! मरहबा मरहबा

या शफ़ी'-अल-वरा ! मरहबा मरहबाख़ातमुल-अंबिया ! मरहबा मरहबा

आया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँदआया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँद

सुब्ह तयबा में हुई बटता है बाड़ा नूर कासदक़ा लेने नूर का आया है तारा नूर का

मैं गदा तू बादशाह भर दे पियाला नूर कानूर दिन दूना तेरा, दे डाल सदक़ा नूर का

तेरी नस्ल-ए-पाक में है बच्चा बच्चा नूर कातू है 'ऐ़न-ए-नूर, तेरा सब घराना नूर का

राहत-ए-आमिना ! मरहबा मरहबावालिद-ए-फ़ातिमा ! मरहबा मरहबा

आमिना के यहाँ शाह-ए-कौन-ओ-मकाँआए ग़ुल पड़ गया मरहबा मरहबा

आया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँदआया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँद

सर पे ताज-ए-शफ़ा'अत है जिन के वो आजआ गए मरहबा मरहबा मरहबा

आए प्यारे नबी, हर तरफ़ थी ख़ुशीचार-सू शोर था मरहबा मरहबा

आया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँदआया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँद

फूल खिलने लगे, ना'त कहने लगेहर शजर झूम उठा मरहबा मरहबा

चार-सू चाँदनी, हर तरफ़ रौशनीजा-ब-जा नूर था मरहबा मरहबा

आया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँदआया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँद

पुर-नूर है ज़माना सुब्ह-ए-शब-ए-विलादतपर्दा उठा है किस का सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

दिन फिर गए हमारे, सोते नसीब जागेख़ुर्शीद ही वो चमका सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

तेरी चमक दमक से 'आलम चमक रहा हैमेरे भी बख़्त चमका सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

बाँटा है दो-जहाँ में तू ने ज़िया का बाड़ादे दे हसन का हिस्सा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

है बड़ा मर्तबा माह-ए-मीलाद काइस में क्या शक भला, मरहबा मरहबा

मुँह उजाला हुआ, बोल बाला हुआहर मुसलमान का, मरहबा मरहबा

आया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँदआया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँद

धूम सल्ले-'अला की मची चार-सूआ गए मुस्तफ़ा, मरहबा मरहबा

ताजदारो ! सुनो, मालदारो ! सुनोआ गए मुस्तफ़ा, मरहबा मरहबा

आया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँदआया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँद

दूर अँधेरा हुआ, लो सवेरा हुआआ गए मुस्तफ़ा, मरहबा मरहबा

'ईद-ए-मीलाद है, किस-क़दर शाद हैक़ल्ब 'अत्तार का, मरहबा मरहबा

आया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँदआया तयबा का चाँद, चमका तयबा का चाँद

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !रसूल की आमद ! मरहबा !बोलो नूर की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !यासीन की आमद ! मरहबा !ताहा की आमद ! मरहबा !

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