नात लिरिक्स

Ajmer Bulaya Mujhe Ajmer Bulaya

अजमेर बुलाया मुझे अजमेर बुलाया

नात ख़्वान: मुहम्मद ज़ैद अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अजमेर बुलाया मुझे अजमेर बुलायाअजमेर बुला कर मुझे मेहमान बनाया

हो शुक्र अदा कैसे कि मुझ पापी को, ख़्वाजा !अजमेर बुला कर मुझे दरबार दिखाया

सुल्तान-ए-मदीना की मोहब्बत का भिकारीबन कर मैं, शहा ! आप के दरबार में आया

दुनिया की हुकूमत दो न दौलत दो न सरवतहर चीज़ मिली जाम-ए-मोहब्बत जो पिलाया

क़दमों से लगा लो मुझे क़दमों से लगा लोख़्वाजा ! है ज़माने ने बड़ा मुझ को सताया

डूबा अभी डूबा मुझे लिल्लाह सँभालोसैलाब गुनाहों का बड़े ज़ोर से आया

हो चश्म-ए-शिफ़ा अब तो, शहा ! सू-ए-मरीज़ाँ'इस्याँ के मरज़ ने है बड़ा ज़ोर दिखाया

सरकार-ए-मदीना का बना दीजिए 'आशिक़ये 'अर्ज़ लिए, शाह ! कराची से मैं आया

या ख़्वाजा ! करम कीजिए, हों ज़ुल्मतें काफ़ूरबातिल ने बड़े ज़ोर से सर अपना उठाया

'अत्तार करम ही से तेरे जम के खड़ा हैदुश्मन ने गिराने को बड़ा ज़ोर लगाया

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