नात लिरिक्स

Ajjil Ajjil Ya Ramadan | Ajjil Ajjil Ya Ramazan

अज्जिल अज्जिल या रमदान | अज्जिल अज्जिल या रमज़ान

नात ख़्वान: महमूद अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'अज्जिल 'अज्जिल, या रमदान !जान मेरी तुझ पर क़ुर्बान

आ भी जा, माह-ए-सुब्हान !जल्दी जल्दी आ, रमज़ान !

जब भी आता है रमज़ानजान में आ जाती है जान

ख़ूब है रमज़ाँ की भी शानइस में उतरा है क़ुरआन

तुझ में बख़्शिश का सामानहै ला-रैब मह-ए-ग़ुफ़रान

ग्यारह माह का तू सुल्तानफ़ज़्ल-ए-रब से है, रमज़ान !

मौला ! तू बहर-ए-रमज़ानमुझ को बना दे नेक इंसान

या रब ! कर दे करम, ईमाननज़'अ में ले न सके शैतान

मुझ को बख़्श प-ए-रमज़ानया हन्नानु या मन्नान !

ग़म रमज़ान का दे, रहमान !अश्क बहाऊँ मैं हर आन

मुझ को मदीने में रमज़ानकाश, मुयस्सर हो, रहमान !

आ जा, आ भी जा, रमज़ान !तुझ पे फ़िदा 'अत्तार की जान

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