नात लिरिक्स

Aisa Husn-o-Jamaal ! Na-Mumkin !, Koi Un Ki Misaal ! Na-Mumkin !

ऐसा हुस्न-ओ-जमाल ! ना-मुम्किन !, कोई उन की मिसाल ! ना-मुम्किन !

नात ख़्वान: सरवर हुसैन नक़्शबंदी-शायर: सरवर हुसैन नक़्शबंदीउपलब्ध: हिंदी

ऐसा हुस्न-ओ-जमाल ! ना-मुम्किन !कोई उन की मिसाल ! ना-मुम्किन !

बैठ जाए जो उन के क़दमों मेंउस को आए ज़वाल ! ना-मुम्किन !

कोई उन की मिसाल ! ना-मुम्किन !कोई उन की तरह ग़ुलामों काऐसे रखे ख़याल ! ना-मुम्किन !

कोई उन की मिसाल ! ना-मुम्किन !

क़ुदसियों ने कहा शब-ए-मे'राजऐसा ओज-ए-कमाल ! ना-मुम्किन !

कोई उन की मिसाल ! ना-मुम्किन !

बा'द उन के कोई नबी आएसोचना भी मुहाल ! ना-मुम्किन !

कोई उन की मिसाल ! ना-मुम्किन !

भेजता जो रहे दुरूद उन परवो रहे ख़स्ता-हाल ! ना-मुम्किन !

कोई उन की मिसाल ! ना-मुम्किन !

चश्म-ए-मा-ज़ाग़ के सिवा, सरवर !रूयत-ए-ज़ुल-जलाल ! ना-मुम्किन !

कोई उन की मिसाल ! ना-मुम्किन !

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