नात लिरिक्स

Ahl-e-Sirat Rooh-e-Ameen Ko Khabar Karen

अहल-ए-सिरात रूह-ए-अमीं को ख़बर करें

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: इमाम अहमद रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अहल-ए-सिरात रूह-ए-अमीं को ख़बर करेंजाती है उम्मत-ए-नबवी फ़र्श पर करें

इन फ़ितनाहा-ए-हश्र से कह दो हज़र करेंनाज़ों के पाले आते हैं रह से गुज़र करें

बद हैं तो आप के हैं, भले हैं तो आप केटुकड़ों से तो यहाँ के पले रुख़ किधर करें

सरकार ! हम कमीनों के अतवार पर न जाएँआक़ा हुज़ूर ! अपने करम पर नज़र करें

उन की हरम के ख़ार कशीदा हैं किस लिएआँखों में आएँ, सर पे रहें, दिल में घर करें

जालों पे जाल पड़ गए लिल्लाह वक़्त हैमुश्किल-कुशाई आप के नाख़ुन अगर करें

मंज़िल कड़ी है शान-ए-तबस्सुम करम करेतारों की छाँव, नूर के तड़के सफ़र करें

किल्क-ए-रज़ा है ख़ंजर-ए-ख़ूँ-ख़्वार बर्क़-बारआ'दा से कह दो ख़ैर मनाएँ न शर करें

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