उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye raste mein kis se mulaqat kar li

ये रस्ते में किस से मुलाक़ात कर ली

یہ رستے میں کس سے ملاقات کر لی

शायर: Qamar Jalalvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये रस्ते में किस से मुलाक़ात कर ली
कहाँ रह गए थे बड़ी रात कर ली

शब-ए-ग़म कभी दर को उठ उठ के देखा
कभी उन की तस्वीर से बात कर ली

हम अहल-ए-जुनूँ का ठिकाना न पूछो
कहीं दिन निकाला कहीं रात कर ली

चले आए मूसा को जल्वा दिखाने
क़यामत से पहले मुलाक़ात कर ली

'क़मर' अपने घर उन को मेहमाँ बुला कर
बिला चाँद के चाँदनी रात कर ली