उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye mera dil usi se dil laga ke baiTh gaya

ये मेरा दिल उसी से दिल लगा के बैठ गया

یہ میرا دل اسی سے دل لگا کے بیٹھ گیا

शायर: Vihan Gupta Garg7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये मेरा दिल उसी से दिल लगा के बैठ गया
जो एक बार मिरा दिल जला के बैठ गया

मैं चाहता था वो मुझ से चिपक के बैठी रहे
सो जान-बूझ के बत्ती बुझा के बैठ गया

जब उस को देख के आँसू ये सब्र खोने लगे
मैं उस के सामने चश्मा लगा के बैठ गया

उसे मुझे चले जाने से रोकना था मगर
वो बे-हया मुझे रस्ता बता के बैठ गया

यही दुआ है कि वो रात काट दे पूरी
मैं जिस चराग़ पे पैसा लगा के बैठ गया

महल बना के भी मज़दूर झोपड़ी में रहा
जो ख़ुद उदास था सब को हँसा के बैठ गया

ख़ुदा के बाद किसी और को नहीं चाहा
ख़ुदा के बाद तिरी रट लगा के बैठ गया