उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hamare jine ki aasani chhin leta hai

हमारे जीने की आसानी छीन लेता है

ہمارے جینے کی آسانی چھین لیتا ہے

शायर: Vihan Gupta Garg5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हमारे जीने की आसानी छीन लेता है
जगा के प्यास ख़ुदा पानी छीन लेता है

शब-ए-फ़िराक़ वो आती है ख़्वाब में मिलने
ये वस्ल हिज्र की वीरानी छीन लेता है

मैं देख लेता हूँ हँसता हुआ तिरा चेहरा
ये मेरी सारी परेशानी छीन लेता है

फ़रेबी दोस्त पे कैसे मैं ए'तिबार करूँ
ये जज़्बा शाहों से सुल्तानी छीन लेता है

वो माँगता नहीं है अपना हक़ किसी से भी
वो माँगता नहीं है या'नी छीन लेता है