उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye kis ki aarzu dil-e-shorida-sar mein hai

ये किस की आरज़ू दिल-ए-शोरीदा-सर में है

یہ کس کی آرزو دل شوریدہ سر میں ہے

शायर: Raaz Muradabadi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये किस की आरज़ू दिल-ए-शोरीदा-सर में है
दुनिया ख़याल में है न उक़्बा नज़र में है

दिल को है उन के वा'दा-ए-फ़र्दा पे ए'तिबार
अब तक फ़रेब-ए-गर्दिश-ए-शाम-ओ-सहर में है

क्या कीजिए शिकायत-ए-हिरमाँ कि हम-नफ़स
इक मौज-ए-इंफ़िआल किसी की नज़र में है

रुकते नहीं हैं पा-ए-जिहत-आश्ना कहीं
मंज़िल भी एक संग-ए-निशाँ रहगुज़र में है

उनवाँ कहूँ कि 'राज़' उसे जान-ए-दास्ताँ
इक अश्क-ए-मुज़्तरिब जो अभी चश्म-ए-तर में है