उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye KHwab ki bedari-e-taqdir-e-mohabbat

ये ख़्वाब कि बेदारी-ए-तक़दीर-ए-मोहब्बत

یہ خواب کہ بیداریٔ تقدیر محبت

शायर: Zaheen Shah Taji10 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

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ये ख़्वाब कि बेदारी-ए-तक़दीर-ए-मोहब्बत
ये ख़्वाब कि अफ़्साना-ए-तासीर-ए-मोहब्बत

क़ुरआन-ए-मोहब्बत है कि तफ़्सीर-ए-मोहब्बत
हर लफ़्ज़ में है आया-ए-ततहीर-ए-मोहब्बत

वो 'इश्क़ की आरास्ता पैरास्ता तिमसाल
मैं हुस्न की खींची हुई तस्वीर-ए-मोहब्बत

सर-ता-ब-क़दम जल्वा-ए-अल्लाहु-जमीलुन
वो हुस्न के अनवार-ओ-तनवीर-ए-मोहब्बत

क़ुर्बान मैं उन की निगह-ए-नाज़ के क़ुर्बां
सौ जान से दिल है हदफ़-ए-तीर-ए-मोहब्बत

दुनिया-ए-मोहब्बत में ख़िरद काम न आई
है कार-ए-जुनूँ साहिब-ए-तक़दीर-ए-मोहब्बत

सद-शुक्र कि उठ ही गए वो होश के पर्दे
काम आ ही गया नाला-ए-शबगीर-ए-मोहब्बत

जिस वक़्त हुआ जोश-ए-जुनूँ सिलसिला-ए-जुम्बाँ
हर साँस बना हल्क़ा-ए-ज़ंजीर-ए-मोहब्बत

वो क़ल्ब की धड़कन में मोहब्बत के फ़साने
गोया लब-ए-ख़ामोश में तक़रीर-ए-मोहब्बत

कल रात को मेहमान था वीराना-ए-दिल में
मे'मार-ए-जुनूँ साहिब-ए-ता'मीर-ए-मोहब्बत