उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye kab kaha hai humne sajda nahin karenge

ये कब कहा है हम ने सज्दा नहीं करेंगे

یہ کب کہا ہے ہم نے سجدہ نہیں کریں گے

शायर: Chandra Shekhar Varma8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये कब कहा है हम ने सज्दा नहीं करेंगे
तुम जिस का चाहते हो उस का नहीं करेंगे

तुम चाहते अगर हो हम ज़िद नहीं करें तो
तुम भी करो ये वा'दा नख़रा नहीं करेंगे

इक दोस्ती में हम ने दिल और जाँ लुटा दी
सोचो कि इश्क़ में हम क्या क्या नहीं करेंगे

तुम मानो या न मानो सब से नया है धोका
उन का ये तुम से कहना धोका नहीं करेंगे

पैसा दिखा के उस ने बोला करो ग़ुलामी
ग़ैरत दिखा के हम ने बोला नहीं करेंगे

लब को मिला के लब से करनी हैं दिल की बातें
नाराज़ हो गईं क्या अच्छा नहीं करेंगे

दिल चाहता है तुम पर कर लें यक़ीन लेकिन
वो जितना चाहता है उतना नहीं करेंगे

मुश्किल बहुत है 'शेखर' फिर से न दिल लगाएँ
कोशिश भले ही कर लें वा'दा नहीं करेंगे