उर्दू शायरी · ग़ज़ल

baat sun lega KHuda amin kahna

बात सुन लेगा ख़ुदा अमीन कहना

بات سن لے گا خدا امین کہنا

शायर: Chandra Shekhar Varma7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बात सुन लेगा ख़ुदा अमीन कहना
पढ़ के तुम अपनी दु'आ आमीन कहना

अपनी सारी मन्नतें तुम बुदबुदाना
फाड़ कर अपना गला आमीन कहना

चुप थे क्यों तुम जब तुम्हें माँगा ख़ुदा से
इतना भी मुश्किल न था आमीन कहना

हाँ ये था ख़्वाहिश का मेरी मसअला पर
था ज़रूरी आप का आमीन कहना

इस से बेहतर था कि तुम ख़ामोश रहते
कुफ़्र था वो अनमना आमीन कहना

रास्ते भर तुम दु'आ करते चलो बस
जब दिखेगा मै-कदा आमीन कहना

माँगने आया हूँ मैं तुम से मोहब्बत
ऐ ख़ुदा तुम भी ज़रा आमीन कहना