उर्दू शायरी · ग़ज़ल

itni aasani se gar tujhko KHuda mil jaega

इतनी आसानी से गर तुझ को ख़ुदा मिल जाएगा

اتنی آسانی سے گر تجھ کو خدا مل جائے گا

शायर: Chandra Shekhar Varma9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इतनी आसानी से गर तुझ को ख़ुदा मिल जाएगा
फिर तो तेरी वहशतों को हौसला मिल जाएगा

तिकड़मों से तुझ को जन्नत का पता मिल जाएगा
पर सिफ़ारिश से वहाँ क्या दाख़िला मिल जाएगा

तीरगी तो बस तमाशा देखती रह जाएगी
आंधियों से साज़िशन बुझता दिया मिल जाएगा

बेचना तो है नहीं ईमान फिर भी बोलिए
इस का बाज़ारों में हम को दाम क्या मिल जाएगा

आँख है घर दिल गली ये जिस्म उन का शहर है
डाकिया को मुझ में ही उन का पता मिल जाएगा

झूटी शक्लों को है मुश्किल ख़ुद को वो देखें कहाँ
सच्चे चेहरों को तो फिर भी आइना मिल जाएगा

सच तो ये है फिर से उस की बातों में आ जाएँगे
आज भी हम को अगर वो बेवफ़ा मिल जाएगा

आप के नख़रे उठाएँ हर घड़ी मिन्नत करें
जाइए इतने में तो हम को ख़ुदा मिल जाएगा

ना-उमीदी में भी मेरी पुर-उमीदी देखिए
वो हुआ मिल कर जुदा हो कर जुदा मिल जाएगा