उर्दू शायरी · ग़ज़ल

duniya mein ek din sikka ijad hua

दुनिया में इक दिन सिक्का ईजाद हुआ

دنیا میں اک دن سکہ ایجاد ہوا

शायर: Chandra Shekhar Varma8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दुनिया में इक दिन सिक्का ईजाद हुआ
फिर अगले ही दिन कासा ईजाद हुआ

कोई तो परवाजों से डरता होगा
वर्ना किस कारन पिंजरा ईजाद हुआ

दुनिया-भर के मर्दों थोड़ी शर्म करो
वजह तुम्हीं थे जो पर्दा ईजाद हुआ

लाज़िम था ईजाद मुखौटे का होना
दुनिया में जब आईना ईजाद हुआ

दफ़्न हुई मिट्टी सीमेंट के जंगल में
पौधों की ख़ातिर गमला ईजाद हुआ

हुस्न अकेला थोड़ी आया दुनिया में
उस के बनते ही नख़रा ईजाद हुआ

पहले हाथों-हाथ लिया सब ने उस को
गेंद पिटी तब जब बल्ला ईजाद हुआ

जिस दिन ज़ुल्फ़ें रूठी होंगी उंगली से
उस दिन दुनिया में कंघा ईजाद हुआ