उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye haha-kar kuchh hai

ये हाहा-कार कुछ है

یہ ہاہا کار کچھ ہے

शायर: Pandit Vidya Ratan Aasi11 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये हाहा-कार कुछ है
ग़लत सरकार कुछ है

सियासत यार कुछ है
वतन से प्यार कुछ है

मोहब्बत प्यार कुछ है
हमें दरकार कुछ है

ये उस के पार कुछ है
मज़ा मझंदार कुछ है

कहीं इसरार कुछ है
उफ़ुक़ के पार कुछ है

दवा तीमार कुछ है
मुझे आज़ार कुछ है

न तुम वो हो न मैं हूँ
समय की मार कुछ है

किसे तेरी ख़बर दूँ
कहीं घर-बार कुछ है

दिलों में रब्त-ए-बाहम
अगर दुश्वार कुछ है

सुकूँ से चैन से हूँ
यक़ीनन हार कुछ है

मोहब्बत और 'आसी'
पस-ए-दीवार कुछ है