उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aap nahaq malal karte hain

आप नाहक़ मलाल करते हैं

آپ ناحق ملال کرتے ہیں

शायर: Pandit Vidya Ratan Aasi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आप नाहक़ मलाल करते हैं
मुफ़्त जी को निढाल करते हैं

जिंस-ए-इख़्लास इस ज़माने में
आप भी क्या कमाल करते हैं

माइल-ए-लुत्फ़ थे जो कल हम पर
आज जीना मुहाल करते हैं

आप मिलते हैं जब कभी हम से
लोग लाखों सवाल करते हैं

बे-पिए मय हराम होती है
रिंद पी कर हलाल करते हैं

आप ज़िंदा हो किस तरह 'आसी'
दोस्त अक्सर सवाल करते हैं