उर्दू शायरी · ग़ज़ल

behaal se hum kyon rahte hain kyon chaak hai daman kya kahiye

बेहाल से हम क्यों रहते हैं क्यों चाक है दामन क्या कहिए

بے حال سے ہم کیوں رہتے ہیں کیوں چاک ہے دامن کیا کہیے

शायर: Pandit Vidya Ratan Aasi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बेहाल से हम क्यों रहते हैं क्यों चाक है दामन क्या कहिए
ये जोग लिया है बरसों से हम ने किस कारन क्या कहिए

ये मंज़िल-ए-हक़ के दीवानो कुछ सोच करो कुछ कर गुज़रो
क्या जाने कब क्या कर गुज़रे ये वक़्त का रावन क्या कहिए

इक वो भी आलम था कि तिरी पल भर की जुदाई डसती थी
अब सोच है क्यों कर काटेंगे पर्बत ये जीवन क्या कहिए

ज़ख़्मों पे ज़ख़्म भी खाता है इस पर भी ये कब बाज़ आता है
फिर प्यार के नग़्मे गाता है इस दिल का लड़कपन किया कहिए

जब याद किसी की आई है हम ख़ून के आँसू रोए हैं
ऐ 'आसी' यूँ भी आँखों से बरसा है सावन क्या कहिए